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जगुआर लैंड रोवर ने अमेरिका को फिर से कार निर्यात शुरू किया- रिपोर्ट

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग एक महीने तक जगुआर अमेरिका को नई कारों की सप्लाई करने जा रही है। इस डील के तहत जगुआर कारों की पहली खेप यूएस के लिए रवाना भी की जा चुकी है।

Land Rover Cars /

लक्जरी कार निर्माता कंपनी जगुआर ने लैंड रोवर कार अब फिर से अमेरिका को निर्यात करना शुरू कर दिया है। अमेरिका को करीब एक महीने के भीतर कार की डिमांड को जगुआर पूरी करने जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कार निर्माता कंपनी ने जेएलआर वाहनों की पहली खेप बुधवार को ब्रिटेन से रवाना की। 

इस सप्ताह लंदन टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग एक महीने तक जगुआर अमेरिका को नई कारों की सप्लाई करने जा रही है। इस डील के तहत जगुआर कारों की पहली खेप यूएस के लिए रवाना भी की जा चुकी है। रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के मद्देनजर रोके गए वाहनों की शिपमेंट को अब बहाल करने के बाद लैंड रोवर कार डील को पूरा करने के लिए जगुआर तेजी से आगे बढ़ रही है।  लंदन टाइम्स अखबार ने पिछले सप्ताह शनिवार को यह रिपोर्ट दी।

हालांकि लैंड रोवर के शिपमेंट बहाली को लेकर भारत की टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जेएलआर इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।  इससे पहले कंपनी ने पिछले महीने यानी अप्रैल में कहा था कि अमेरिका को अपनी ब्रिटेन निर्मित कारों की शिपमेंट को एक महीने के लिए रोक देगा। इसके पीछे की वजह आयातित कारों और हल्के ट्रकों पर ट्रंप के 25% टैरिफ लागू करना बताई गई। यह टैरिफ 3 अप्रैल से लागू की जा चुकी है। 

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इस सप्ताह गुरुवार को ट्रंप ने कहा कि शुल्कों से राहत के साथ क्रेडिट को मिलाकर एक ऑटो टैरिफ के बोझ को कम करने का प्लान किया जाएगा। हालांकि बढ़े टैरिफ के चलते ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता एस्टन मार्टिन के सीईओ एड्रियन हॉलमार्क ने बुधवार को कहा कि वह अमेरिकी टैरिफ से होने वाले खर्च को कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच बांटेगी और अपने अमेरिकी स्टॉक को बेचेगी, जबकि शिपमेंट को सीमित रखेगी।

बता दें कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में ऑटोमोबाइल उद्योग का अहम रोल रहा है। यहां कार उद्योग से सीधे तौर पर 2 लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। उद्योग निकाय SMMT के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि यूरोपीय संघ के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ब्रिटिश निर्मित कारों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। 

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